एक पोटली अरमानों की

एक पोटली अरमानों की - यह मेरी कहानी

एक मुट्ठी आसमान पाने की, ज़िद थी मैने ठानी

खुद में सिमटा बचपन मेरा, खामोशी बनी निशानी

कुछ सुलझी कुछ उलझी सी - क्या सुनाऊं मैं यह कहानी



COMING SOON....STAY TUNED

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